रायपुर। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर चर्चा का माहौल है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए इस कानून के तहत पात्र व्यक्तियों के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का प्रावधान है। प्रदेश में लंबे समय से निवास कर रहे पात्र शरणार्थी परिवारों की नजरें अब नागरिकता आवेदन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, CAA का उद्देश्य किसी भारतीय नागरिक की नागरिकता को प्रभावित करना नहीं है। यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का अवसर प्रदान करता है।
छत्तीसगढ़ में CAA को अलग से लागू करने के लिए किसी पृथक राज्य स्तरीय अधिसूचना की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक केंद्रीय कानून है और पूरे देश में प्रभावी है। पात्र आवेदक केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप आवेदन कर सकते हैं।
हालांकि, राज्य में अब तक CAA को लेकर किसी विशेष अभियान या नई प्रशासनिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी सूचना और अधिसूचनाओं के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।