नई दिल्ली: ₹10 और ₹20 के नोट को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। अखबार में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, सरकार ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के एक अरब प्लास्टिक बैंक नोटों के चलन/परीक्षण की शुरुआत के लिए मंजूरी दी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हवाले से प्रकाशित खबर में बताया गया है कि इन प्लास्टिक नोटों की शुरुआत क्षेत्रीय परीक्षणों के लिए की जाएगी। इसका उद्देश्य यह देखना है कि प्लास्टिक से बने बैंक नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में कितने टिकाऊ और उपयोगी साबित होते हैं।
• ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट क्यों?
प्लास्टिक बैंक नोटों को लेकर सबसे बड़ा दावा उनकी अधिक टिकाऊ क्षमता है। कागजी नोट लगातार इस्तेमाल होने के कारण जल्दी खराब हो सकते हैं, जबकि पॉलीमर/प्लास्टिक आधारित नोट अधिक समय तक चलने के लिए बनाए जाते हैं।
खास तौर पर छोटे मूल्यवर्ग के नोटों का रोजमर्रा के लेन-देन में अधिक इस्तेमाल होता है। ऐसे में सरकार के लिए इनकी गुणवत्ता और जीवन अवधि महत्वपूर्ण विषय है।
• एक अरब नोटों का परीक्षण
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने ₹10 और ₹20 के एक अरब प्लास्टिक बैंक नोटों की शुरुआत के लिए मंजूरी दी है। यह कदम सीधे तौर पर सभी पुराने नोटों को बदलने की घोषणा नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर परीक्षण से जुड़ा बताया गया है।
इस परीक्षण के दौरान नोटों की टिकाऊ क्षमता, इस्तेमाल में आसानी और अन्य व्यावहारिक पहलुओं का आकलन किया जा सकता है।
• RBI की भूमिका क्या होगी?
खबर में बताया गया है कि इन दोनों मूल्यवर्ग के बैंक नोटों के नियमित निर्गमन से संबंधित प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत भेजा गया था।
इसका मतलब है कि ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों से जुड़ी प्रक्रिया में भारतीय रिजर्व बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
• क्या अभी आपके पास प्लास्टिक ₹10 और ₹20 के नोट आएंगे?
नहीं, इस खबर को तुरंत पूरे देश में नए प्लास्टिक नोट जारी होने के तौर पर नहीं समझना चाहिए। रिपोर्ट में इसे क्षेत्रीय परीक्षण/शुरुआत से जोड़ा गया है। इसलिए आम लोगों को पुराने ₹10 और ₹20 के नोटों को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है।
₹10 और ₹20 के प्लास्टिक बैंक नोटों का परीक्षण भारत की मुद्रा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में कदम हो सकता है। अगर परीक्षण सफल रहता है, तो भविष्य में छोटे मूल्यवर्ग के नोटों के लिए पॉलीमर नोटों के इस्तेमाल पर आगे फैसला लिया जा सकता है।