नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़े तलाबीरा-II कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के लगभग 19 महीने बाद आए इस फैसले को इस बहुचर्चित मामले का अंतिम कानूनी निष्कर्ष माना जा रहा है।
• क्या है पूरा मामला?
यह मामला ओडिशा के तलाबीरा-II कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा है। आवंटन प्रक्रिया के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह के पास कुछ समय के लिए कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी था। इसी आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू हुई थी और मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी।
• सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
CBI ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी का कहना था कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ अभियोजन चलाने के पर्याप्त आधार नहीं मिले। सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। इसके साथ ही उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया औपचारिक रूप से समाप्त हो गई।
• 19 महीने बाद आया फैसला
डॉ. मनमोहन सिंह का निधन वर्ष 2024 में हुआ था। उनके निधन के करीब 19 महीने बाद आए इस फैसले ने लंबे समय से लंबित इस मामले का कानूनी पटाक्षेप कर दिया। फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
• फैसले का महत्व
कानूनी जानकारों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उपलब्ध साक्ष्यों और जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है। अदालत के आदेश के बाद इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई लंबित आपराधिक कार्यवाही नहीं बची है।