खैरागढ़, छत्तीसगढ़: दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार शाम खैरागढ़ में युवाओं और छात्रों द्वारा मशाल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में लोग हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतरे और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानून के दायरे में तथा संयम के साथ होनी चाहिए। मशाल मार्च के दौरान विभिन्न सामाजिक और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।
वहीं, प्रशासन का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम परिस्थितियों के अनुसार उठाए जाते हैं। पूरे मामले को लेकर देशभर में अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
खैरागढ़ में निकला यह मशाल मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
यह समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी और वायरल वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल, संगठन या विचारधारा का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि घटना की तथ्यात्मक जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है.