Gen Z Media /नई दिल्ली: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। हाल ही में सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। इसके बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब उज्ज्वला योजना की सब्सिडी बंद होने जा रही है?
हालांकि, सरकार ने सब्सिडी पूरी तरह समाप्त नहीं की है, लेकिन सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या में कटौती जरूर की गई है। इस फैसले का असर देशभर के लाखों परिवारों पर पड़ सकता है।
क्या है नया नियम?
सरकार के नए निर्णय के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब सालभर में केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले लाभार्थियों को अधिक संख्या में सिलेंडरों पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता था।
हालांकि, प्रत्येक पात्र लाभार्थी को अब भी ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से मिलेगी।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि अधिकांश उज्ज्वला उपभोक्ताओं की औसत वार्षिक गैस खपत अपेक्षाकृत कम है। इसके अलावा बढ़ते सब्सिडी खर्च को नियंत्रित करने और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी खर्च में कमी आएगी, लेकिन अधिक गैस उपयोग करने वाले गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
लाभार्थियों पर क्या पड़ेगा असर?
नए नियम के बाद यदि कोई लाभार्थी वर्ष में 4 से अधिक गैस सिलेंडर भरवाता है, तो उसे अतिरिक्त सिलेंडरों के लिए बाजार मूल्य का भुगतान करना पड़ सकता है। ऐसे में ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों की घरेलू बजट योजना प्रभावित हो सकती है।
क्या सब्सिडी पूरी तरह बंद हो रही है?
इस समय उपलब्ध जानकारी के अनुसार उज्ज्वला योजना की सब्सिडी बंद नहीं की गई है। केवल सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में बदलाव किया गया है। पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सीमा तक सब्सिडी मिलती रहेगी।