Gen Z Media / छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए मुख्यमंत्री जन शिकायत हेल्पलाइन 1076 को और अधिक प्रभावी बनाया है। अब प्रदेश के लोग अपनी शिकायत घर बैठे दर्ज कर सकते हैं और उसकी प्रगति की जानकारी भी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकते हैं।
शिकायत दर्ज करने के 4 आसान तरीके
•1076 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कॉल करके
•ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से
•मोबाइल ऐप के जरिए
•लिखित पत्र भेजकर
इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सरल बनाना है।
•पारदर्शी और समयबद्ध समाधान
हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को एक यूनिक टोकन नंबर प्रदान किया जाता है। इसके माध्यम से शिकायत की स्थिति को हर चरण में ट्रैक किया जा सकता है।
व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं:
•शिकायत का तत्काल पंजीकरण
•रियल-टाइम ट्रैकिंग सुविधा
•निर्धारित समय-सीमा में समाधान
•गुणवत्ता की स्वचालित समीक्षा
•फीडबैक एवं संतुष्टि पुष्टि प्रणाली
•42 विभाग और 1195 शिकायत श्रेणियां शामिल
मुख्यमंत्री जन शिकायत हेल्पलाइन 1076 के अंतर्गत राज्य के 42 विभागों को जोड़ा गया है। साथ ही 1195 विभिन्न शिकायत श्रेणियों को शामिल किया गया है, जिससे नागरिक अपनी समस्या को सही विभाग तक आसानी से पहुंचा सकते हैं।
इसके अलावा:
•लगभग 8000 अधिकारियों को प्रणाली से जोड़ा गया है।
•प्रत्येक शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचती है।
•उच्च अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाती है।
•विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
•जनता और सरकार के बीच मजबूत कड़ी
मुख्यमंत्री जन शिकायत हेल्पलाइन 1076 नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। सरकार का दावा है कि इस प्रणाली के जरिए शिकायतों का निपटारा अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
•जनता अपनी किसी भी समस्या के समाधान के लिए अब सिर्फ 1076 नंबर पर संपर्क कर सकती है।
"एक नंबर, हर समस्या का समाधान" – इसी उद्देश्य के साथ यह हेल्पलाइन प्रदेशवासियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।